यूपी विधानसभा 2027: निषाद पार्टी ने चुनावी बिगुल फूंकना शुरू किया
Nishad Party Sounds the Election Bugle
लखनऊ। UP Assembly 2027, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बिसात बिछना शुरू हो गया है। भाजपा के सहयोगी दलाें ने अपने चुनाव अभियानों पर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। सुभासपा आजमगढ़ और महाराजगंज में बड़े आयोजन कर इसकी शुरुआत कर चुकी है और अब निषाद पार्टी 22 मार्च को गोरखपुर में बड़ी रैली कर चुनावी बिगुल फूंकने जा रही है।
पार्टी कोशिश संगठन के विस्तार के साथ ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावेदारी की है। इसके लिए गोरखपुर के बाद वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ क्षेत्रों में भी रैली के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन की रणनीति है। साथ में 88 जिलों में पार्टी ने प्रभारी नियुक्त पर संगठन को भी सक्रिय कर दिया है।
गोरखपुर स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क में होने वाली पहली रैली के लिए संगठन की ओर से बड़ी तैयारी की जा रही है। इसमें प्रदेश भर से कार्यकर्ताओं-समर्थकों को बुलाया जा रहा है, जिससे भीड़ जुटाकर अपनी मजबूती का संदेश दिया जा सके।
वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव में निषाद पार्टी ने एनडीए गठबंधन में 10 सीटाें पर चुनाव लड़ा था और छह सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद से पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद लगातार अपने जनाधार और प्रभाव क्षेत्र के विस्तार की कोशिश में लगे हुए हैं। चुनावी अभियान की शुरुआत में तय किए गए कार्यक्रमों, विशेष मेरठ की प्रस्तावित रैली से साफ है कि पार्टी नई जमीन भी तलाश रही है।
अब चुनाव से पहले पार्टी मझवार-तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कराने की मांग काे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। इसे लेकर दो बार मछुआ एससी संवैधानिक अधिकार यात्रा भी निकाली जा चुकी है। रैलियों में सबसे ज्यादा जोर इसी मांग पर रहेगा, इसके साथ खनन, बालू घाटों पर पुश्तैनी अधिकार, वर्ग-3 की भूमि का पुनः आरक्षण और विमुक्त जाति के अधिकार बहाली जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी की रणनीति दोहरे लक्ष्य पर केंद्रित है। अपने प्रमुख वोट बैंक को तो चुनावी अभियान में साधा ही जाएगा, शक्ति प्रदर्शन के सहारे गठबंधन के अंदर सीट बंटवारे में ज्यादा हिस्सेदारी का भी आधार तैयार किया जाएगा।